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विद्यालय अवलोकन : प्रभावी शिक्षण एवं व्यावसायिक विकास की ओर एक सशक्त कदम” विषय पर सेमिनार सम्पन्न

आयुष साहू 9926141516:

दिनांक 23.02.2026 को दोपहर 12:00 बजे प्रतिभा कॉलेज के Multipurpose Hall में बी.एड. विभाग द्वारा “School Observation: A Gateway to Effective Teaching and Professional Growth” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बी.एड. विद्यार्थियों को विद्यालय अवलोकन की महत्ता, प्रभावी शिक्षण पद्धतियों तथा व्यावसायिक विकास के विभिन्न आयामों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.आभाष अग्रवाल डायरेक्टर प्रतिभा ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि “School Observation शिक्षक-प्रशिक्षण की आधारशिला है। यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिक्षण कौशल को निखारने की एक सशक्त प्रक्रिया है।

” उन्होंने विद्यार्थियों को विद्यालयी वातावरण का गहन अध्ययन करने, शिक्षक-विद्यार्थी अंतःक्रिया को समझने तथा नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में संसाधन व्यक्तियों के रूप में डॉ. एन. के. भोई प्रिंसिपल रामचंडी महाविद्यालय बगईजोर, श्री निर्मल प्रधान व्याख्याता शास हायर सेकंडरी स्कूल केना, श्री मुकेश कुमार पटेल एवं श्रीमती दमयंती पटेल उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने अनुभवों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक शिक्षण की बारीकियों से अवगत कराया। डॉ. एन. के. भोई ने विद्यालय अवलोकन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षुओं को कक्षा शिक्षण, पाठ योजना निर्माण, समय प्रबंधन एवं मूल्यांकन प्रणाली का सूक्ष्म अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक सफल शिक्षक वही है जो निरंतर आत्ममंथन करता है और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालता है। श्री निर्मल प्रधान ने कक्षा प्रबंधन, अनुशासन एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि शिक्षक का व्यक्तित्व ही कक्षा के वातावरण को प्रभावित करता है।

अतः प्रशिक्षुओं को सकारात्मक दृष्टिकोण एवं संवेदनशील व्यवहार विकसित करना चाहिए। श्री मुकेश कुमार पटेल ने आधुनिक शिक्षा में तकनीकी साधनों के प्रभावी उपयोग पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का संतुलित प्रयोग शिक्षण को अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बना सकता है। वहीं श्रीमती दमयंती पटेल ने विद्यार्थियों के समग्र विकास में नैतिक मूल्यों एवं सहानुभूतिपूर्ण शिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में प्रतिभा कॉलेज के प्राचार्य श्री राजेंद्र चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक-प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम की पूर्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में उत्कृष्ट शिक्षण कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर कॉलेज के सहायक प्राध्यापकगण एवं बी.एड. के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। साथ ही रामचंडी महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकगण एवं बी.एड. के विद्यार्थी भी विशेष रूप से शामिल हुए।

उनकी सक्रिय सहभागिता एवं उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली एवं सफल बनाया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन श्री समित बारिक द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। उनकी सुस्पष्ट अभिव्यक्ति एवं संतुलित संचालन शैली ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया। अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह सेमिनार बी.एड. विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें प्रभावी, संवेदनशील एवं उत्तरदायी शिक्षक बनने की दिशा में प्रेरित किया। प्रतिभा कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षक-प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है ।

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