आयुष साहू 9926141516:
शासकीय प्राथमिक शाला बोडे़सरा में बाल सभा का आयोजन किया गया जिसमे भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों ” शिक्षा ही उन्नति का एकमात्र मार्ग हैं ” बाबा साहेब अंबेडकर जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया। बाबा साहेब को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इस कार्यक्रम में बच्चों एंव पालको को सम्बोधित करते हुए।
बनमोती चिन्तामणि भोई ( प्रधान पाठक) ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक महान विचारधारा हैं। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिलाया। आज का लोकतांत्रिक भारत उनके द्वारा निर्मित संविधान और उनके आदर्शों पर आधारित है।उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब ने “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का जो मूलमंत्र दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। शिक्षा ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है और समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करती है। उन्होंने बच्चों को इसी संकल्प के साथ बाबा साहेब के संघर्षों से प्रेरणा लेकर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने को कहा शिक्षा के माध्यम से ही गरीबी, अज्ञानता और सामाजिक कुरीतियों को दूर किया जा सकता है। अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रपाल भोई (सहायक शिक्षक ) ने कि इस अवसर पर बच्चों एवं पालक तथा शाल प्रबंधन समिति के सदस्य सम्मिलित हुए।











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