बड़ेपंधी के ग्रामीणों ने राम मंदिर बनाने का लिया संकल्प
आयुष साहू 9926141516:
सरायपाली समीपस्थ ग्राम बड़ेपंधी में दस दिवसीय रामनवमी महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। आधुनिकता के इस दौर में जहाँ मनोरंजन के साधन बढ़ते और बदलते जा रहे हैं वहीं महासमुंद जिले के इस छोटे से गाँव बड़ेपंधी में विगत आठ दशकों से पौराणिक रामलीला की पावन परंपरा अनवरत रूप से चली आ रही है। गाँव के लिए यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति एवं सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
इस परंपरा की शुरुआत स्वर्गीय जोगिया प्रधान, अवधूत भोई, जगदीश प्रधान, कालिया भोई, मोहनलाल भोई, भुवनेश्वर भोई, पूर्णचंद्र भोई, हाराधन बारीक आदि द्वारा की गई। इनके द्वारा पुटका ग्राम से बालुंकेश्वर रामायण लाया गया, जिसे गांव के तात्कालीन गौटिया मोहनलाल भोई द्वारा उड़िया साहित्य में अत्यंत सुंदर,भावपूर्ण गीतों और संवादों में नाट्य रूपांतरण किया गया। आज भी यह रामलीला वर्तमान कलाकारों द्वारा मधुर गायन एवं भावपूर्ण वाचन के रूप में प्रस्तुत की जाती है जो दर्शकों को भक्ति रस में सराबोर कर देती है। संध्या आरती के समय समस्त ग्रामवासी सम्मिलित होते हैं तथा आरती पश्चात महामंत्र का जाप समवेत स्वर में किया जाता है। प्रत्येक रात्रि रामलीला का आयोजन किया जाता है जो राम जन्म से लेकर रामराज्य तक चलती है। इस वर्ष ग्रामवासियों ने समस्त पूर्व कलाकारों के लिए बैनर बनाकर उन्हें सम्मानपूर्वक याद किया। वर्तमान समय में घनसुंदर भोई राम, महेश भोई, प्रमोद भोई, सुरेंद्र भोई, संजय प्रधान, बीरेंद्र प्रधान, कुलदीप बारीक, नारायण बारीक, गणपति बारीक, धीरज भोई, ताराचंद प्रधान, बीरबल प्रधान, उसतराम भोई, दुर्बादल प्रधान, ठंडाराम भोई, संतोष यादव, साधुराम प्रधान, तरूणी प्रधान, लक्ष्मीधर बारीक, विजय गिरी, बीरबल प्रधान, विजय प्रधान, तरूणी प्रधान, दुबई प्रधान आदि मुख्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं। नए कलाकार रंजन, प्रवीण, अर्जुन, प्रेमपीयूष, नरेंद्र, आर्यन, हर्ष, आरुष, देव, ईशान, धर्मेश बारीक के आने से उत्साह का संचार हुआ है। संगीतपक्ष में ढोलक मास्टर दासरथी भोई सहित तेजलाल सेठ, नित्यानंद सेठ, लिंगराज बारीक, मथामणी बारीक, चक्रधर भोई, रथी साहू, मनीष नंदे, रेवाशंकर बारीक, ईशान प्रधान, नीलांबर प्रधान तथा मेक अप आर्टिस्ट के रूप में आरत नायक, बीरेंद्र प्रधान का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। रात्रि रामराज्य नाटक के पश्चात प्रातः पूजन, हवन पश्चात नगर कीर्तन से कार्यक्रम का समापन हुआ।
महाभंडारा के पूर्व गांव के समस्त ग्रामवासीयों की उपस्थिति में महाबैठक रखी गई जिसमें सरपंच श्रीमती मंजुलता भोई की अगुवाई में उपस्थित जनसमूह ने मध्यगाँव में भव्य राममंदिर निर्माण और पूर्ण निष्ठा के साथ तन मन धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। आचार्य योगेंद्र नंदे, प्रसन्न भोई और सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश भोई ने इस परंपरा को बनाए रखने के लिए समस्त ग्रामवासीयों खासकर युवावर्ग से आह्वान किया है। प्रसन्न भोई ने बताया कि यह महोत्सव हमारे गाँव की एकता और अखंडता का प्रतीक है, जिसमें गाँव के प्रत्येक व्यक्ति का योगदान किसी न किसी रूप में रहता है। उन्होंने समस्त कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये कलाकार दिनभर अपनी आजीविका संबंधी कर्तव्यों को पूर्ण करने के पश्चात रात्रि में अपनी अभिनय कला प्रदर्शित करते हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए पंचगण निरंजन नंदे, धीरज भोई, जयराम बारीक, सुखनाशन के नेतृत्व में प्रत्येक दिवस के लिए वार्डवार आठ-आठ व्यक्तियों की टीम बनाई गई थी जिनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उक्त जानकारी प्रेमानन्द भोई ने दी।













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