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शॉर्ट-सर्किट से आधी रात में एक घर में लगी आग,लाखों का सामान जलकर हो गया खाक लगभग दो घंटा के कड़ी मशक्कत के बाद मोहल्ले वासियों की मदद से आग पर पाया काबू

आयुष साहू 9926141516:

सरायपाली। 28 मार्च कि रात शहर के पतेरापाली के संदीप यादव के घर में अचानक शार्ट-सर्किट से आग लग गई,आग की लपेटे इतनी ज्यादा तेज थी,कि आलमारी में रखें सोने के जेवरात तक पिघल गया, इस आगजनी से घरेलू सामान टीवी,फ्रिज, कुलर, पंखा, पलंग आदि लाखों के सामान जलकर खाक हो गए। राहत की बात यह रही की उक्त कमरे में घटना के समय कोई नहीं थे,जिसके चलते किसी तरह की कोई जन हानि नहीं हुई। आगजनी पर काबू पाने फायर ब्रिगेड व नगर पालिका की मदद लेनी चाही,लेकिन कई महीनो से बंद पड़े फायर ब्रिगेड से कोई मदद नहीं मिली , साथ ही नगर पालिका प्रशासन के द्वारा पानी टेंकर तक नहीं भेजा गया। आस-पड़ोस के मदद से लगभग दो घंटा के कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना की जानकारी देते हुए संदीप यादव पिता स्व शंकर लाल यादव (37) ने बताया कि घटना रात्रि लगभग 1:30 की है, उन्होंने बताया कि उनके घर के एक्जाज बंद होने के कारण वे बगल के अपने भाई के कमरा में परिवार सहित सो रहे थे, रात्रि लगभग 1:30 बजे फटफट की आवाज आने लगा और अचानक लाइट बंद हो गई,साथ ही जलने की बदबू भी आ रही थी, तभी उनकी पत्नी नींद खुल गई और देखा कि उनके कमरा में आग लगी है,उन्होंने तत्काल पुरे परिवार को जगाया और वे बिना देरी किए पहले अपने परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला,अपने अड़ोस-पड़ोस को आगजनी की सूचना दी मदद के लिए पुकारे,112 वाहन को भी घटना की तत्काल सूचना दी गई वे मौके पर पहुंचे, नगर पालिका प्रशासन,पार्षद को भी सूचना दी गई पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। उनके द्वारा नगर पालिका के पानी टैंकर फायर ब्रिगेड के लिए नगर पालिका प्रशासन से मदद लेनी चाही,लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया तो कोई फायर ब्रिगेड बंद होने की बात कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया,पानी टैंकर तक ले जाने की जहमत नहीं उठाई। जैसे तैसे कर पूरा परिवार आस पड़ोस के लोगों ने व पुलिस की टीम ने घर के आंगन में स्थित बोर के पानी से बाल्टी से पानी ले-ले लेकर लगभग 2 घंटा की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।

गनीमत से दूसरे कमरे में सोए थे पूरा परिवार इसलिए बच गया

संदीप ने बताया कि उनके कमरे का एक्जाज बंद होने के कारण वे अपने भाई के कमरे में परिवार सहित हुए थे इसलिए उनका कमरा खाली था। अगर वे अपने खुद के कमरे में सोए रहते तो उनका परिवार इस आगजनी की चपेट में आकर जल जाये रहते, गनीमत से वे अपने कमरे में नहीं सोए थे,जिससे उनका परिवार सुरक्षित है,किसी तरह की कोई जन हानि नहीं हुई है,लेकिन वहां रखे सभी सामान जलकर खाक हो गए हैं।

उन्होंने बताया की आग की लपेटे इतनी तेज थी कि कमरा से लगभग 10 फीट दूर पर्दे व फ्रिज को भी चपेट में ले लिया है, कीचन में भरा गैस सिलेंडर नहीं होने के कारण बड़ा विस्फोट व जनहानि से मिली राहतदूसरी राहत भरी बात यह है वर्तमान में गैस की किल्लत के चलते उनका पूरा परिवार गैस समाप्त हो जाने पर लगभग एक सप्ताह से लकड़ी से भोजन बना रहे थे,आग की लपेटे कीचन तक पहुंच चुकी थी,जिसके चलते इस आगजनी में गैस सिलेंडर खाली होने के कारण आग ज्यादा नहीं भड़का,अगर गैस सिलेंडर भरा होता तो बड़ा विस्फोट हो सकता था और जनहानि भी हो सकती थी।बाक्स मेटर संदीप ने बताया कि इस आगजनी की घटना से जमीन बेचने के लिए रखे एडवांस के 72000, उनकी पत्नी की दो तोला सोना जिसमें एक हार व एक कान का बाली तेज आग से पिघल गया है,जिसे खोजने पर नहीं मिलने की बात कही,इसके अलावा उनकी पत्नी दीपांजलि यादव के कक्षा प्रथम से लेकर ग्रेजुएट तक के मार्कशीट व अन्य जरूरी दस्तावेज, उनकी 4 साल की बेटी श्रुति यादव की अंकसूची,आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जमीन के कागजात दो ऋण पुस्तिका, सीलिंग पंखा,कुलर,आलमारी,पलंग,टीव्ही,ड्रेसिंग आलमारी में रखे कपड़े घर का पूरा वायरिंग इस तरह लगभग 7 लाख रुपए का इस आगजनी से नुकसान होने का उन्होंने अनुमान लगाया है।बाक्स मेटर इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश यादव से भी जानकारी लेने संपर्क किया गया संपर्क नहीं हो सका।

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