10 से 14 फरवरी 2026 तक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की रही अनूठी छटा
( आयुष साहू 9926141516; )
नगर के प्रतिष्ठित स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय में 10 से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह ने पूरे परिसर को रचनात्मकता, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। प्राचार्य डॉ. संध्या भोई के कुशल निर्देशन एवं साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डॉ. चंद्रिका चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस पंचदिवसीय आयोजन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को नया आयाम प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के चहुँमुखी विकास को प्रोत्साहित करना तथा उनकी सृजनात्मक क्षमता को मंच प्रदान करना था। पूरे सप्ताह महाविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
थाल सज्जा प्रतियोगिता में नताशा नायक(एम एससी प्राणिशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। सारिका प्रधान (बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर) द्वितीय तथा रुबीना नाग तृतीय स्थान पर रहीं।
हस्तशिल्प प्रतियोगिता में आकांक्षा पुरोहित (एमएससी रसायन चतुर्थ सेमेस्टर) ने उत्कृष्ट कला कौशल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान अर्जित किया। सारिका प्रधान द्वितीय एवं मेघा दास तृतीय रहीं।
मेहंदी प्रतियोगिता में प्रियंका बारीक (एमएससी रसायन द्वितीय सेमेस्टर) ने आकर्षक डिजाइनों से निर्णायकों को प्रभावित किया। कामिनी पटेल (एमएससी प्राणिशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर) द्वितीय एवं साहिबा परवीन (बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर) तृतीय स्थान पर रहीं। साहित्यिक गतिविधि में मौलिक हिंदी कविता लेखन में अशोक बरिहा (एमए हिंदी चतुर्थ सेमेस्टर) प्रथम, रीना साव (बीए भाग-तीन) द्वितीय तथा मेघा दास तृतीय रहीं।
छत्तीसगढ़ी कविता लेखन में रीना साव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सूरज कन्हेर (एमएससी रसायन द्वितीय सेमेस्टर) द्वितीय एवं भाग्यश्री अंचल (बीए भाग-तीन) तृतीय रहीं। मौलिक लघुकथा लेखन में अशोक बरिहा ने प्रथम, रीना साव ने द्वितीय तथा मेघा दास ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में सूरज कन्हेर ने प्रथम, अशोक बरिहा ने द्वितीय तथा मुस्कान अग्रवाल (एमएससी प्राणिशास्त्र चतुर्थ सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. संध्या भोई ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करते हैं। सम्पूर्ण आयोजन में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग रहा। यह वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बन गया।













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